मानव विकास (CH-4) Notes in Hindi || Class 12 Geography Chapter 4 in Hindi ||

class 12 Geography chapter 4 detailed notes in hindi

पाठ – 4

मानव विकास

In this post we have given the detailed notes of class 12 geography chapter 4 Manav vikas (Human Development) in Hindi. These notes are useful for the students who are going to appear in class 12 board exams.

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इस पोस्ट में क्लास 12 के भूगोल के पाठ 4 मानव विकास (Human Development) के नोट्स दिये गए है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 12 में है एवं भूगोल विषय पढ़ रहे है।

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
SubjectGeography
Chapter no.Chapter 4
Chapter Nameमानव विकास (Human Development)
CategoryClass 12 Geography Notes in Hindi
MediumHindi
Class 12 Geography Chapter 4 Manav vikas in Hindi
Class 12th (Geography) Ch 4 (Manav vikas) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | मानव विकास

विकास एवं वृद्धि

विकास

       गुणात्मक परिवर्तनों को विकास कहा जाता है विकल्पों में वृद्धि होना वर्तमान स्थिति में परिवर्तन होना ही विकास है

       उदाहरण के लिए अगर आपकी आय 10,000 से बढ़कर 15,000 हो जाती है तो इस स्थिति को हम विकास तब तक नहीं कहेंगे जब तक की इस बढ़ी हुई आय की वजह से आपके जीवन जीने के स्तर स्वास्थ्य, शिक्षा या गुणों में वृद्धि ना हो

वृद्धि

       वृद्धि मात्रात्मक होती है वृद्धि को मापा जा सकता है वृद्धि धनात्मक भी हो सकती है और ऋणात्मक भी

       संख्या में होने वाले परिवर्तन को ही वृद्धि कहा जाता है

       आपकी आय 10,000 से बढ़कर 15,000 हो जाती है तो इसे हम वृद्धि कहेंगे भले ही इससे आपके रहने की स्थिति, शिक्षा स्वास्थ्य या अन्य गुणों में कोई परिवर्तन ना आए

मानव विकास

       जब किसी व्यक्ति के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन हो तो उसे मानव विकास कहा जाता है

       गुणात्मक परिवर्तन का मतलब उसकी शिक्षा स्वास्थ्य या रहने के स्तर में होने वाले परिवर्तन से है

मानव विकास के केंद्र बिंदु

      स्वास्थ्य

       मानव विकास के लिए स्वास्थ्य बहुत जरूरी है क्योंकि एक स्वस्थ व्यक्ति ही खुशहाल जीवन जी सकता है

      शिक्षा

       मानव विकास में शिक्षा को शामिल किया जाता है क्योंकि शिक्षा के माध्यम से ही एक व्यक्ति अपने जीवन को अपने अनुसार जी सकता है और समाज के विकास में योगदान दे सकता है

      संसाधनों तक पहुंच

       संसाधनों तक पहुंच से हमारा मतलब एक व्यक्ति को उपलब्ध संसाधनों से है

       क्योंकि संसाधनों के बिना कोई भी व्यक्ति अपना विकास नहीं कर सकता इसीलिए संसाधनों तक पहुंच मानव विकास का एक जरूरी पहलू है

उदाहरण के लिए अगर आपके पास शिक्षा प्राप्त करने के लिए अच्छे स्कूल स्वास्थ्य के लिए अच्छे अस्पताल नहीं है तो आप अपना विकास नहीं कर सकते इसीलिए एक व्यक्ति की संसाधनों तक पहुंच होना जरूरी है

मानव विकास के स्तंभ

      समता

       यहां पर समता का मतलब सभी लोगों को संसाधन उपलब्ध कराना है ताकि सभी को विकास करने के समान अवसर मिल सके

       हम उस स्थिति को समता कहेंगे जब संसाधनों की उपलब्धता में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना हो

      सतत पोषणीयता

       सतत पोषणीयता का अर्थ वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों का इस प्रकार प्रयोग करना जिससे आने वाली पीढ़ी को भी वह संसाधन उपलब्ध हो सके

       सतत पोषणीयता मानव विकास के लिए जरूरी है क्योंकि इससे सभी लोगों को विकास करने के समान अवसर मिलते हैं

      उत्पादकता

       यहां पर उत्पादकता का अर्थ लोगों को सक्षम बनाना है ताकि संसाधनों का प्रयोग अच्छे से किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त किया जा सके

       अधिक उत्पादकता की वजह से लोगों को कम संसाधनों में अधिक संतुष्टि मिलेगी और मानव विकास में वृद्धि होगी

      सशक्तिकरण

       सशक्तिकरण का मतलब पिछड़े हुए लोगों को समर्थ बनाना है ताकि वह भी अन्य लोगों की तरह संसाधनों का उपयोग कर सकें

मानव विकास के उपागम

मानव विकास के उपागम से अभिप्राय मानव विकास को मापने के तरीके से है

      आय उपागम

       आय उपागम के अनुसार यह माना जाता है कि अगर आय का स्तर ऊंचा होगा तो मानव विकास का स्तर भी ऊंचा होगा

      कल्याण उपागम

       इसके अनुसार अगर एक व्यक्ति का कल्याण अधिक होगा यानी उसे सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो उस स्थिति को मानव विकास की उच्च स्थिति माना जाएगा

      आधारभूत आवश्यकता उपागम

       इसे आईएलओ द्वारा प्रस्तावित किया गया

       इसमें 6 न्यूनतम आवश्यकताओं शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता,स्वास्थ्य और आवास पर ध्यान केंद्रित किया गया है

       इस उपागम के अनुसार अगर इन 6 आवश्यकताओ की पूर्ति हो रही है तो मानव विकास उच्च है

      समता उपागम

       इसका संबंध भारतीय अर्थशास्त्री प्रोफेसर अमर्त्य सेन से है

       इसके अनुसार मानवीय क्षमताओं का विकास मानव विकास को बढ़ाता है

       आसान भाषा में देखें तो अगर एक व्यक्ति ज्यादा सक्षम है तो उसका मानव विकास ज्यादा है

मानव विकास क्यों जरूरी है

देश के विकास के लिए नई तकनीकों के विकास के लिए संसाधनों के उच्चतम प्रयोग के लिए मानव समाज के विकास के लिए मानव जीवन में खुशहाली के लिए उच्च स्तरीय जीवन के लिए मानव जीवन में संतुष्टि के लिए

मानव विकास सूचकांक

       मानव विकास सूचकांक विश्व के अलग-अलग देशों में मानव विकास की स्थिति को दर्शाता है

       इसे शिक्षा स्वास्थ्य और संसाधनों तक पहुंच जैसे विषयों के आधार पर मापा जाता है

       इस सूचकांक के अंतर्गत एक देश को 0 से 1 के बीच का अंक दिया जाता है

       0 के पास वाला स्कोर निम्न मानव विकास एवं 1 के पास वाला स्कोर उच्च मानव विकास को दर्शाता है

       उच्च मानव विकास वाले देश

       Norway(0.954), Switzerland(0.946), Ireland(0.942)

       मध्यम मानव विकास वाले देश

       Pakistan(0.560), Solomon Islands(0.557), Syrian Arab Republic(0.549), Papua New Guinea(0.543)

       निम्न मानव विकास वाले देश

       Chad(0.401), Central African Republic(0.381), Niger(0.377)

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